khasi ki Dawa-लगातार चल रही खाँसी चाहे कैसी भी हो सुखी या कफ वाली 1 मिनट में तुरंत बंद

सर्दियों का मौसम चल रहा है ऐसे में खासी सर्दी होना आम बात है। सर्दियों के मौसम में बच्चे सबसे ज्यादा बीमार होते है। सर्दी खासी अक्सर बच्चो को परेशान करती है। तो आज के ब्लॉग में हम आपके लिए लाये ऐसी khasi ki Dawa जो हर उम्र के लिए बहुत फायदेमंद है।

चाहे आपको सुखी खासी है या कफ वाली खासी दोनों के लिए ये घरेलु उपाय बहुत ही लाभदायक है। अक्सर हमारे साथ ऐसी होता है की सर्दी बुखार तो चला जाता है लेकिन खासी जाने का नाम ही नहीं लेती। हम खासी की सिरप पीते पीते थक जाते है लेकिन खासी खतम ही नहीं होती।

ऐसी में बस व्यक्ति यही सोचता रहता है ये khasi kaise thik kare . क्या रेमेडी फॉलो करे क्या दवाये ले या सिरप पिए बस khasi kaise roke रात में तो ये खासी इतना परेशान करती है न तो सो पाते और न ही आराम मिलता है। वैसे तो मार्केट में कई प्रकार की khasi ki Dawa उपलब्ध है लेकिन इन खासी की दवा को ज्यादा पीने से साइड इफ़ेक्ट भी देखने को मिल जाते है।

हमारे बड़े बुजुर्गो का कहना है दवा कम से कम ही खानी चाहिए जबतक की कोई सीरियस बीमारी न हो। प्राचीनकाल में सर्दी खासी की कोई दवा नहीं होती थी जड़ी बूटियों और घरेलु उपाय से ही ठीक हो जाती थी। पर आज के तारिक में हम घरेलू दवाइयों से ज्यादा अंग्रेजी दवाइयों पर भरोसा करने लगे है।

लेकिन दादी नानी के जो नुश्खे जाते थे वो कारगर जरूर होते थे। तो उन्ही नुस्खों में से हम एक ऐसा नुश्खा लेके आये जो आपके खासी को झटपट बंद कर देगा और भी बहुत ही कम दाम में। ये घरेलु khasi ki Dawa हमेशा असरदार रहेगी बस एक बार इसे आप ट्राई कर के देखे।

ये नुश्खा सुखी खासी और कफ वाली खासी दोनों के लिए बहुत इफेक्टिव है। अगर आपकी बहुत पुरानी है तो भी ये आप नुश्खा आजमा सकते है। अगर आप तरह तरह दवाइयां खा के थक गए है तरह के कफ़ सिरप पी के थक गए तो एक बार इस नुश्खे को जरूर आजमा के देखिये।

इस घरेलु रेमेडी को एकबार बनाकर अपने फॅमिली मेमेबर्स को दे और अपना अनुभव हमसे शेयर करे। खासी की दवा में कुछ चीजे हमारे किचन में हमेशा ही उपलब्ध रहती है आइये जानते उनके गुणों के बारे में।

इस खासी की दवा बनाने के लिए हमे 5 इंग्रेडिएंट्स की जरुरत है जो हमारे भारतीय किचन में हमेशा ही उपलब्ध रहती है। तो चलिए उन इंग्रेडिएंट्स के गुणों के बारे में थोड़ा जान लेते है। तो इस घरेलु खासी की दवा बनाने के लिए जो पहला इंग्रेडिएंट्स है वो है काली मिर्च।

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Kali Mirch

काली मिर्च में एक्सपेक्टोरेन्ट प्रोपर्टी होती है जो मतलब जो बलगम आपके सीने में चिपक जाता है काली मिर्च ुषको पतला करती है बाहर निकालने में मदद करती है। काली गले के इन्फेक्शन को दूर करने में मदद करता है। किसी को गले में दर्द है को उसके लिए काली मिर्च बहुत अच्छी दवा के रूप में काम करती है।

khasi ki Dawa

इसके लिए पानी में काली मिर्च डालकर पानी को उबाल लें और फिर इस पानी को छान लें। हल्के गर्म पानी से दिन में कम से कम दो बार गरारे करें, जल्द अराम मिलेगा।

Kala Namak

काला नमक आपके स्वास सम्बन्धी बीमारी में बहुत मदद करता है। ये आपके सुखी खासी में भी मदद करता है और कफ वाली खासी में भी मदद करता है। आपने अकसर देखा होगा की अगर किसी को पुराणी खासी है तो उसके साइन दर्द बना रहता है ऐसा इशलिये क्यूकी खांसने से आपकी स्वास नली की नसे कंसट्रिक्ट हो जाती है

khasi ki Dawa

ऐसे में काला नमक उन नसों को रिलैक्स करने में मदद करता है। पुराने ज़माने में काला नमक को बच्चो के सीने पे लगा के हलके गर्म कपडे से सेका जाता जाता उनका मानना था ऐसा करने से कफ पिघलता है और खासी में आराम मिलता है।

Ajwaein

आयुर्वेद में अजवाइन के गुणों के बारे में बहुत व्याख्या की गई है। अजवाइन पोषक तत्वों से समृद्ध एकऐसा मसाला जिसका सेवन अगर सही तरीके से किया जाए तो इससे स्वास्थ्य को कई प्रकार के फायदे मिल सकते हैं। अजवाइन भी खासी में बहित मदद करता है।

khasi ki Dawa

अजवाइन आपके चेस्ट कन्जेक्शन को दूर करता है। ठंड के मौसम में होने वाली समस्याओं जैसे सर्दी-जुकाम, खांसी, ठंड, नाक बहने की समस्या को भी दूर करती है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट्स तत्व जमे हुए कफ को बाहर निकालने में कारगर है।

Hari Elaechi 

हरी इलाइची आपकी खासी को कम करने में बहुत मदद गार साबित हो सकती है। हरी इलायची के अन्दर एंटी इंफेलेमेंटरी तत्व पाए जाते है जो आपके थ्रोट इन्फेक्शन को दूर करती है।

khasi ki Dawa

अगर आपको कफ वाली खासी है तो उसमे भी हरी एलची कफ को कम करने में मदद करती है। आपके गले में जो दर्द है उसको आराम पहुँचाती है।

Adrak- Ginger

अदरक के बारे में तो शायद सभी जानते होंगे की ये खासी के लिए कितनी फायदेमंद होती है। अदरक के अंदर जो एंटी इंफ्लामेटरी प्रॉपर्टी होती जो आपकी खासी के लिए बहुत फायदेमंद होती है। अदरक आपके फेफड़ो के सूजन को कम करने में मदद करती है।

khasi ki Dawa

अदरक आपके सीने में जमे बलगम को कम करने भी मदद करती है। आपके गले को आराम पहुँचती है और स्वास सम्बन्धी कई बीमारियों को दूर करने में मदद करता है।

khasi ki dawa ke liye ingredients 

  • काली मिर्च का पाउडर – 1/4 tsp
  • काला नमक – 1/4 tsp
  • अजवाइन – 1 tsp
  • अदरक कसा हुआ (ग्रेट किया हुआ ) – 4 tsp
  • छोटी हरी इलाइची – 4 से 5
  • गुड़ – 5 बड़े चम्मच
Steps to make khasi ki dawa – खासी की दवा बनाने का तरीका 
  1. एक नॉन स्टिक पैन ले ले और उसे गैस पर चढ़ाये और गैस ऑन करे।khasi ki Dawa
  2. पैन में थोड़ा पानी डालें फिर गुड़ डालें और गुड़ को बस यह आपको पिघलाना है।khasi ki Dawa
  3. गुड़ को पिघलाते वक़्त गैस की फ्लेम को एकदम धीमा रखेंगे।
  4. हरी इलाइची के बीज को निकाल लेंगे और छिलका फेक दे।
  5. अब सभी चीजों एक खलबट्टे में लेकर हल्का सा कूट ले।
  6. और फिर गुड़ में डाल दे अच्छे से मिक्स कर दे
  7. बस एक से दो मिनट ही पकाना है।
  8. गैस को बंद कर दे।
  9. इस पुरे प्रोसेस के दर्मिया आपको ध्यान रखना है गुड़ बिलकुल भी जलना नहीं चाहिए।
  10. ठंडा होने के बाद किसी कांच के बर्तन में भरकर रख लीजिये।

khasi ki Dawa

11. खासी की दवा बनकर तैयार है।

खाने का तरीका

इस नुस्खे को आप सुबह आधा चम्मच और रात में आधा चम्मच ले सकते है। रात में आप सोते वक़्त ही ले ताकि ये ज्यादा असर करे। इसे लेने के बाद गरम पानी पी सकते है। ठंडी चीजों का सेवन बिलकुल भी न करे। स्मोकिंग भी बिलकुल न करे। खट्टी चीजों का सेवन भी न करे।

आप इसे 7 दिन तक इस्तेमाल करे रिजल्ट आपको खुद ब खुद दिखाई देगा। अगर आपकी बहुत पुराणी खासी है तो लम्बा भी इसे इस्तेमाल कर सकते है इसके कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है। 10 साल से छोटे बच्चो न दे 10 से ऊपर बच्चो को आप आधा चम्मच दे सकते है।

RECIPE CARD

Khasi ki Dawa

Prep Time 5 minutes
Cook Time 2 minutes
Total Time 7 minutes
Cuisine Indian

Ingredients
  

  • काली मिर्च का पाउडर - 1/4 tsp
  • काला नमक - 1/4 tsp
  • अजवाइन - 1 tsp
  • अदरक कसा हुआ ग्रेट किया हुआ - 4 tsp
  • छोटी हरी इलाइची - 4 से 5
  • गुड़ - 5 बड़े चम्मच

Instructions
 

  • एक नॉन स्टिक पैन ले ले और उसे गैस पर चढ़ाये और गैस ऑन करे।
  • पैन में थोड़ा पानी डालें फिर गुड़ डालें और गुड़ को बस यह आपको पिघलाना है।
  • गुड़ को पिघलाते वक़्त गैस की फ्लेम को एकदम धीमा रखेंगे।
  • हरी इलाइची के बीज को निकाल लेंगे और छिलका फेक दे।
  • अब सभी चीजों एक खलबट्टे में लेकर हल्का सा कूट ले।
  • और फिर गुड़ में डाल दे अच्छे से मिक्स कर दे
  • बस एक से दो मिनट ही पकाना है।
  • गैस को बंद कर दे।
  • इस पुरे प्रोसेस के दर्मिया आपको ध्यान रखना है गुड़ बिलकुल भी जलना नहीं चाहिए।
  • ठंडा होने के बाद किसी कांच के बर्तन में भरकर रख लीजिये।
  • खासी की दवा बनकर तैयार है।
Keyword Khasi ki dawa, खासी की दवा

 

 

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